आंखों को आराम दें।
जब से घर में बंद हुए हैं तब से निगाहें मोबाइल और
लैपटॉप स्क्रीन पर ही टिकी रहती है ये हमारा समय गुजारने में मदद कर रहे हैं लेकिन आंखों को हानि भी पहुंचा रहे हैं अब भी स्किन पर अधिक समय बिता रहे हैं तो आंखों का ख्याल भी रखिये।
lockdown के दौरान डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल भी बढ़ता चला गया है जो दफ्तर काम घर से कर रहे हैं या जो बच्चे वर्चुअल क्लास से पढ़ाई कर रहे हैं उन्हे आंखों की समस्या हो सकती है इनके अलावा मोबाइल और टीवी पर अधिक समय गुजारने के कारण भी आंखों पर असर पड़ रहा है ऐसे में आंखों को स्वस्थ रखने के लिए उनकी देखभाल की जरूरत बढ़ गई है।
इसके लिए स्क्रीन से दूरी बनाने के साथ साथ कुछ सावधानियां और बदलाव करने होंगे कितना बढ़ गया समय दफ्तर में स्क्रीन पर काम करने का समय 7-8 घंटे रहता है lockdown में लेपटॉप पर समय बिताने के बाद बाकी बचा हुआ समय मोबाइल और टीवी पर गुज़र रहा है इस प्रकार दिन में अमूमन 12-14 घंटे स्टैंड पर बिताए जा रहे है।
1)आंखों में या सिर में दर्द होने लगता है
2) स्किन पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते
3)थोड़ी देर ध्यान केंद्रित करने के बाद दृष्टि धुंधली होने लगती है
4) आंखों में जलन महसूस होती है
5)आंखों में सूखापन यानी ड्राईनेस की समस्या हो सकती है इसमें आंखों में चुभन खुजली थकावट या भारीपन हो सकता है।
कभी थोड़ी देर स्क्रीन पर काम करने पर आपको आँखों से पानी आने लगता है या आंखें लाल होने लगती है जब परेशानियां कई महीनों तक यह सालों तक बनी रहती है तो आंखों की पुतली को क्षति पहुंचने शुरू हो जाती है इसीलिए शुरुआत में ही इनका इलाज जरूरी है अगर ड्राईनेस की समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो दवाई से स्थायी आराम मिल पाना मुश्किल हो सकता है इस समस्या को ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं वहीं जब यह समस्या कम्प्यूटर से होती है तो इसे कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम कहते है।
क्या उपाय हो सकते है?
1)अन्य स्क्रीन दूर रखें अगर दफ्तर का काम कर रहे हैं या बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं तो अन्य स्क्रीन जैसे मोबाइल और टीवी देखने का समय कम करें कम्प्यूटर्स पर पूरे कार्य करने के दौरान हर आधे घंटे के बाद 10 मिनट आंखों को आराम दे स्किन पर बहुत छोटे अक्षर न पड़े स्क्रीन पर देखने वाले अक्षरों को सामान्य तौर पर पड़े जाने वाले अक्षरों के आकार से 3 गुना ज़्यादा रखें जिस जगह पर बैठकर काम कर रहे हैं वहां भरपूर रोशनी रखे।
2)आंखों को आराम देते रहे लैपटोपिया मोबाइल पर पढ़ाई कर रहे बच्चों को 2-3 घंटे की कक्षाएं समाप्त हो जाने पर 30-60 मिनट की 1 झपकी लेनी चाहिये या कम से कम 15- 20 मिनट के लिए अपनी आंखें बंद कर लेनी चाहिए यह भी कोशिश करें कि पढ़ाई के बाद बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल न करें और टीवी से दूर रहें।
3)मोबाइल का समय घटाए
फोन जब जब बजेगा आप उसे उठाकर जरूर देखेंगे ऐसे में सबसे पहले मोबाइल की सेटिंग में जाकर सोशल मीडिया मेसेंजर आदि के नोटिफिकेशन बंद कीजिये जो जरुरी ऐप से उन्हें रहने दें अगर किसी से जरुरी बात करनी है तो मैसेज की बजाय कॉल करें इससे स्किन पर कम समय गुजरेगा मोबाइल की स्क्रीन भी आंखों से नीचे रखें जिससे आंखें झपकती रहेगी इसके अलावा उजाले में मोबाइल का इस्तेमाल करें और इसे आंखों से डेढ़ फुट दूर रखे।
4)टीवी का समय तय करें
सुबह के समय टीवी न खोलें लगातार टीवी न देखें बीच बीच में आंखों को बंद करके आराम देते रहे विज्ञापन के दौरान ऐसा कर सकते हैं समय समय पर पलकों को 15-20 बार तेज तेज झपकाए भी।
5)घर पर उपाय करें फल व हरी सब्जियां का अधिक 7 करें इनमें पानी प्रचुर मात्रा में होता है ये न केवल मिनरल और विटामिन की कमी पूरी करते हैं बल्कि आंखों में नमी बनाए रखने में भी मदद करते है खीरा आलू या एलोवेरा के पतले टुकड़े काटकर सुबह दोपहर और शाम 10 मिनट आंखों पर रखें इससे आंखों में नमी बनी रहेगी थोड़ी थोड़ी देर में साक्ष्य फिल्टर के पानी से आंखों को धोएं अगर आंखों में अधिक लालिमा है तो डाक्टर से परामर्श जरूर ले।
चश्मे की सफाई
नजर के चश्मे बेहद नाजुक होते हैं इन्हें साफ करना कई बार मुश्किल लगता है इन दिनों जब हम सभी चीज़ों को साफ और सेनेटाइज कर रहे हैं तो चश्मे को भी साफ करना ज़रुरी है कई बार इसकी सफाई करने के चक्कर में कांच की सत्ता पर खरोंच आ जाती है जो चश्मे को खराब करती है इसीलिए जिसमें की सफाई करते समय सतर्कता बरतें
1)
चश्मे को गुनगुने पानी से धोएं इससे इस पर मौजूद गंदगी निकल जाएगी चश्मा धोने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल न करें इससे लैंस कोटिंग को नुक्सान होता है
2)चश्मे को साफ करने के लिक्विड सोप की कुछ बूंदे उंगलियों पर ले और उससे लेंस को धीरे धीरे साफ करें बाद में मुलायम कपड़े को हल्का गीला करके चश्मा पहुंचे
3)चश्मे के लेंस से ही सिनेटाइज न करें बल्कि पूरे चश्मे को सेनेटीज़ करे। चश्मे पर सेंटाईजर डालकर न रखें बल्कि तुरन्त पोंछ लें अन्यथा दाग रह जाएंगे
4)चश्मे के हर हिस्से को साफ करें जिसमें नाक के पेड़ और कानों के पीछे रहने वाले टेम्पल शामिल है इसके साथ ही जहां लेंस के किनारे फ्रेम से मिलते हैं वह धूल और त्वचा का प्राकृतिक तेल जमा हो जाता है इसीलिए पुरुष चश्मे की सफाई करें
5)साफ करने के लिए किसी भी सूखे कपड़े का इस्तेमाल कतई न करें इससे लैंस पर खरोंच आने का खतरा रहता है इसके लिए हमेशा कोटा या मलमल का कपड़ा रखें
6)मुलायम दिखने वाले पेपर टॉवल, नैपकिन, टिश्यू का इस्तेमाल न करें। ये लेंस पर खरोच लगा सकते हैं किसी भी तरह के ग्लास क्लीनर का उपयोग भी न करें क्योंकि यह सामान्य कांच को साफ करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं।
जब से घर में बंद हुए हैं तब से निगाहें मोबाइल और
लैपटॉप स्क्रीन पर ही टिकी रहती है ये हमारा समय गुजारने में मदद कर रहे हैं लेकिन आंखों को हानि भी पहुंचा रहे हैं अब भी स्किन पर अधिक समय बिता रहे हैं तो आंखों का ख्याल भी रखिये।
आंखों को आराम दें
lockdown के दौरान डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल भी बढ़ता चला गया है जो दफ्तर काम घर से कर रहे हैं या जो बच्चे वर्चुअल क्लास से पढ़ाई कर रहे हैं उन्हे आंखों की समस्या हो सकती है इनके अलावा मोबाइल और टीवी पर अधिक समय गुजारने के कारण भी आंखों पर असर पड़ रहा है ऐसे में आंखों को स्वस्थ रखने के लिए उनकी देखभाल की जरूरत बढ़ गई है।
इसके लिए स्क्रीन से दूरी बनाने के साथ साथ कुछ सावधानियां और बदलाव करने होंगे कितना बढ़ गया समय दफ्तर में स्क्रीन पर काम करने का समय 7-8 घंटे रहता है lockdown में लेपटॉप पर समय बिताने के बाद बाकी बचा हुआ समय मोबाइल और टीवी पर गुज़र रहा है इस प्रकार दिन में अमूमन 12-14 घंटे स्टैंड पर बिताए जा रहे है।
आंखों पर बुरा प्रभाव
1)आंखों में या सिर में दर्द होने लगता है
2) स्किन पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते
3)थोड़ी देर ध्यान केंद्रित करने के बाद दृष्टि धुंधली होने लगती है
4) आंखों में जलन महसूस होती है
5)आंखों में सूखापन यानी ड्राईनेस की समस्या हो सकती है इसमें आंखों में चुभन खुजली थकावट या भारीपन हो सकता है।
कभी थोड़ी देर स्क्रीन पर काम करने पर आपको आँखों से पानी आने लगता है या आंखें लाल होने लगती है जब परेशानियां कई महीनों तक यह सालों तक बनी रहती है तो आंखों की पुतली को क्षति पहुंचने शुरू हो जाती है इसीलिए शुरुआत में ही इनका इलाज जरूरी है अगर ड्राईनेस की समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो दवाई से स्थायी आराम मिल पाना मुश्किल हो सकता है इस समस्या को ड्राई आई सिंड्रोम कहते हैं वहीं जब यह समस्या कम्प्यूटर से होती है तो इसे कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम कहते है।
क्या उपाय हो सकते है?
1)अन्य स्क्रीन दूर रखें अगर दफ्तर का काम कर रहे हैं या बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं तो अन्य स्क्रीन जैसे मोबाइल और टीवी देखने का समय कम करें कम्प्यूटर्स पर पूरे कार्य करने के दौरान हर आधे घंटे के बाद 10 मिनट आंखों को आराम दे स्किन पर बहुत छोटे अक्षर न पड़े स्क्रीन पर देखने वाले अक्षरों को सामान्य तौर पर पड़े जाने वाले अक्षरों के आकार से 3 गुना ज़्यादा रखें जिस जगह पर बैठकर काम कर रहे हैं वहां भरपूर रोशनी रखे।
2)आंखों को आराम देते रहे लैपटोपिया मोबाइल पर पढ़ाई कर रहे बच्चों को 2-3 घंटे की कक्षाएं समाप्त हो जाने पर 30-60 मिनट की 1 झपकी लेनी चाहिये या कम से कम 15- 20 मिनट के लिए अपनी आंखें बंद कर लेनी चाहिए यह भी कोशिश करें कि पढ़ाई के बाद बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल न करें और टीवी से दूर रहें।
3)मोबाइल का समय घटाए
फोन जब जब बजेगा आप उसे उठाकर जरूर देखेंगे ऐसे में सबसे पहले मोबाइल की सेटिंग में जाकर सोशल मीडिया मेसेंजर आदि के नोटिफिकेशन बंद कीजिये जो जरुरी ऐप से उन्हें रहने दें अगर किसी से जरुरी बात करनी है तो मैसेज की बजाय कॉल करें इससे स्किन पर कम समय गुजरेगा मोबाइल की स्क्रीन भी आंखों से नीचे रखें जिससे आंखें झपकती रहेगी इसके अलावा उजाले में मोबाइल का इस्तेमाल करें और इसे आंखों से डेढ़ फुट दूर रखे।
4)टीवी का समय तय करें
सुबह के समय टीवी न खोलें लगातार टीवी न देखें बीच बीच में आंखों को बंद करके आराम देते रहे विज्ञापन के दौरान ऐसा कर सकते हैं समय समय पर पलकों को 15-20 बार तेज तेज झपकाए भी।
5)घर पर उपाय करें फल व हरी सब्जियां का अधिक 7 करें इनमें पानी प्रचुर मात्रा में होता है ये न केवल मिनरल और विटामिन की कमी पूरी करते हैं बल्कि आंखों में नमी बनाए रखने में भी मदद करते है खीरा आलू या एलोवेरा के पतले टुकड़े काटकर सुबह दोपहर और शाम 10 मिनट आंखों पर रखें इससे आंखों में नमी बनी रहेगी थोड़ी थोड़ी देर में साक्ष्य फिल्टर के पानी से आंखों को धोएं अगर आंखों में अधिक लालिमा है तो डाक्टर से परामर्श जरूर ले।
चश्मे की सफाई
नजर के चश्मे बेहद नाजुक होते हैं इन्हें साफ करना कई बार मुश्किल लगता है इन दिनों जब हम सभी चीज़ों को साफ और सेनेटाइज कर रहे हैं तो चश्मे को भी साफ करना ज़रुरी है कई बार इसकी सफाई करने के चक्कर में कांच की सत्ता पर खरोंच आ जाती है जो चश्मे को खराब करती है इसीलिए जिसमें की सफाई करते समय सतर्कता बरतें
1)
चश्मे को गुनगुने पानी से धोएं इससे इस पर मौजूद गंदगी निकल जाएगी चश्मा धोने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल न करें इससे लैंस कोटिंग को नुक्सान होता है
2)चश्मे को साफ करने के लिक्विड सोप की कुछ बूंदे उंगलियों पर ले और उससे लेंस को धीरे धीरे साफ करें बाद में मुलायम कपड़े को हल्का गीला करके चश्मा पहुंचे
3)चश्मे के लेंस से ही सिनेटाइज न करें बल्कि पूरे चश्मे को सेनेटीज़ करे। चश्मे पर सेंटाईजर डालकर न रखें बल्कि तुरन्त पोंछ लें अन्यथा दाग रह जाएंगे
4)चश्मे के हर हिस्से को साफ करें जिसमें नाक के पेड़ और कानों के पीछे रहने वाले टेम्पल शामिल है इसके साथ ही जहां लेंस के किनारे फ्रेम से मिलते हैं वह धूल और त्वचा का प्राकृतिक तेल जमा हो जाता है इसीलिए पुरुष चश्मे की सफाई करें
5)साफ करने के लिए किसी भी सूखे कपड़े का इस्तेमाल कतई न करें इससे लैंस पर खरोंच आने का खतरा रहता है इसके लिए हमेशा कोटा या मलमल का कपड़ा रखें
6)मुलायम दिखने वाले पेपर टॉवल, नैपकिन, टिश्यू का इस्तेमाल न करें। ये लेंस पर खरोच लगा सकते हैं किसी भी तरह के ग्लास क्लीनर का उपयोग भी न करें क्योंकि यह सामान्य कांच को साफ करने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं।





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