'बूझो तो जाने' इस वाक्य को सुनते ही सबको अपना बचपन जरूर याद आ जाता होगा।
तो ऐसी ही कुछ पहेलियाँ हम आपके लिए लाये है।


 


मज़ेदार  पहेलियाँ !


(1) लाल हु, खाती हू मैं सुखी घास। 
पानी पीकर मर जाऊ, जल जाये जो आये मेरे पास। 

उत्तर -: आग 

(2)वह क्या चीज़ है जिसे काटते ही लोग  गाने लगते है? 

उत्तर -: कैक 

(3) आदि कटे  तो गीत सुनाऊ, मध्य कटे तो संत बन जाऊ, अंत कटे साथ बन जाता, सम्पूर्ण सबके मन को भाता। 

उत्तर -: संगीत 

(4) मुझे  उलट कर देखो लगता हू मैं नौजवान, 
कोई अलग न रहता मुझसे बच्चा,  बूढा और जवान 

उत्तर -:वायु 

(5) सफ़ेद तन हरि पूछ, न बुझे तो नानी को पूछ। 

उत्तर -: मूली

(6) पर नहीं है पर चलती रहती, दोनों हाथो से अपना मुँह पोछती रहती। 

उत्तर -: घड़ी 

(7) लोहा खींचू ऐसी ताकत है,  पर रबड़ मुझे हराता, खोई सुई.  मैं पा  लेता,  मेरा खेल निराला है। 

उत्तर -: चुम्बक 


   (8) पत्थर पर पत्थर, पत्थर पर पैसा, बिना  पानी  के घर बनाये,  वह कारीगर केसा ?  


उत्तर -: मकड़ी 

(9)कान है पर बेहरी हू,  मुँह है पर मोन हू।
आँखे है पर अंधी हू,  बताओ मैं कौन हू?

Uttar-: गुड़िया

(10) एक राजा की अनोखी रानी,  दुम  के रास्ते पीती पानी। 

उत्तर -: दीपक 

(11) वह क्या  है जिसे आप एक बार खा  कर दोबारा नहीं खाना चाहते? 

उत्तर -: धोखा 

(12) ऐसी कौन सी भाषा है जो खाने के काम आती  है? 

उत्तर -: चीनी भाषा 

(13) वह क्या चीज है जिसे हम देख सकते लेकिन छू नहीं सकते? 

उत्तर -: सपना 

(14)वह क्या चीज है, जो आपके पास जितना ज्यादा होगा उतना ही कम  दिखेगा? 

उत्तर -: अंधेरा 

(15) ऐसी कौन सी चीज है, जिसे आप जितना तोड़ो गे पर उसकी आवाज नहीं आएगी? 

उत्तर -: कसम 

(16)वह क्या चीज है, जिसे आप जितना भी खा लो पर आपका पेट नहीं भरेगा?

उत्तर -: कसम

(17) वह क्या चीज है,  जो जितनी ज्यादा बढ़ती है उतनी ही कम दिखाई देती है? 

उत्तर -: उम्र 

(18)एक चले चिता की चाल,  दूजा घोड़ा होये, 
तीसरा चले हाथी के चाल,  फिर भी सामना होय। 

उत्तर -: घड़ी के कटे। 

(19)जितना रोये,  उतना खोये

उत्तर -: मोमबत्ती

(20) पांच कबूतर पांच रंग के,  घर मे घुसे तो एक ही रंग के। 

उत्तर -: पान 

(21) मैं हरी मेरे बच्चे काले,  मुझे छोड़ बच्चों को खाये। 

उत्तर -: इलायची 

(22) छतीसगढ़ के बिच मैं क्या है? 

उत्तर -: 'स '

(23)एक घर,  हज़ार बल्ब। 

उत्तर -: आकाश और तारे।